//.....दुनिया जीत लो.....//

हो गर हौसले बुलंद, तो कभी मात नही होती
क्योंकि बिन बादल, कभी बरसात नही होती
दीपक का ऐसा अंदाज़ न था, हवा भी उसके साथ न था
लगती कमियाँ ही थी उसके पास
फिर भी वह निराश न था
चिंगारी की बस धधकने की बारी है
कि वह एक शोला बन जाए
असंभव तो कुछ भी नही है
कि जो उजास के लिए बला बन जाए
जो जीतने की चाहत रखता है, और जीतता है
उसे कायनात भी साथ देती है
जज़्बा हो दिल में कुछ पाने की
तो चाहत कदमों के पास होती है
हँसने वाले तो है बहुत यहाँ
पर थाम लिया उजाले का दामन तो रात नही होती
जो हँसके जी गया जिंदगी को
उसके लिए आंसु असफलता ही बात नही होती।

- योगेश निर्मलकर ‘नाना’
   मो0 - 9770199268

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