//.......दुनिया के ये मेले हैं........//
दुनिया के ये मेले हैं, खुशियों के हिंडोले हैं।
गीत मेरे..... दिल-ए-गुलज़ार से
हम सबके तराने हैं..........
दुनिया के ये मेले हैं..........
1. जिंदगी अपनी शुकुं-ए-चाहत है।
जरा जी के मर ले, रूमानी आदत है।।
सपनों के..... इस जहान से,
निकली रंगी फंसाने हैं.........
दुनिया के ये मेले हैं.........
2. आसमाँ छूले किसने रोके हैं।
ढूँढने की हद से मिलते मौके हैं।।
जिसको ढूँढे...... हैं बाजार से,
वो तो रक्खे सिराहने हैं........
दुनिया के ये मेले हैं........
योगेश निर्मलकर 'नाना '
बरेकेल खुर्द, पटेवा , (महासमुंद)
मोबा. 9770199268
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